हमें गर्व हैं,
आपने गौरवशाली इतिहास पर
अपने पुरखों के स्वाभिमान पर
जिन्होंने,अखंड भारत का निर्माण किया
लहरा दिया विजयी विश्व तिरंगा
अशोक स्तंभ लगा दिया
फिर शांति के मार्ग पर चलकर
बौद्ध विहार का निर्माण किया
हमें गर्व है.......
हम सब राजा के वंशज
कभी क्षत्रिय कहलाते थे
देश की रक्षा के लिए हम
हंसते हंसते मिट जाते थे
हमारे पुरखों ने सैकड़ों वर्ष राज किया
गरीब हो या अमीर सबों को सम्मान किया
इतिहास के पन्नो में अंकित हैं ये बातें
कैसे तूने हमारा साम्राज्य विनाश किया
जब मैं उन फटे पन्नों को पढ़ता हूं जोड़कर
सारे साक्ष्य मिल रहे हैं अब ज़मीं खोदकर
उन मंदिरों में भी बुद्ध की मूर्तियां हैं पंडितजी
गर्भगृह तो खोलो जरा दिखा दूं मंदिर खोदकर
हमें गर्व है.............
पंचदेव कुमार
23 मार्च 2023
समय 02:49
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