जिंदगी के सफर में
तुम कभी तो मिलेगी
दगा दिया है तूने मुझे
कभी तो मुंह खिलेगी
तेरी हंसी ठिठोली
ये सब बनावटी थी
पल में आंसू बहाना
ये मोती भी सजावटी थी।
मैंने तो तुमसे प्यार किया
दोस्ती की कसम इजहार किया
तुझे बेगाना नहीं होने देंगे
फिर क्यों तुम इनकार किया
- पंचदेव कुमार
[15/4/2024, 02:24]
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