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मां की धड़कन

 मेरे दिल की धड़कनों को 

मां हमेशा जान जाती थी 

थके हरे जब भी आता था घर 

मेरे सिर को सहला सुला जाती थी


मुझे पता नहीं था, मां इतना 

जल्दी दुनिया छोड़ जाएगी 

जो सपने देखे थे वर्षों से

शायद उसे भी नहीं देख पाएगी। 


आज मां की हर बात याद आ रही है 

भूल गया सब, बस मां याद आ रही है

और जिनके हौसलों से उड़ना भरता रहा

उस प्यारी मां की तस्वीर याद आ रही है।।


मेरे लड़खड़ाती कदमों को वह संभलती रहीं

गिर जाता था जब जब, वह उठती रही 

भूलकर भी नहीं भुला सकता वह पल

मां की सिसकियां और दुलार याद आती हैं। 



मां को विनम्र श्रद्धांजलि।

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