Hot Posts

6/recent/ticker-posts

ईद मुबारक



 ईद मुबारक 

ईद मुबारक

हम हिंदू,मुस्लिम न ईसाई हैं,
ऊंच-नीच की न कोई खाई है।
आओ साथ मिलबैठ खाएं-पिएं
हम सब एक-दूजे के भाई हैं।।

उस चांद को क्या पता,
मेरे नाम पर बहुत लड़ाई है।
मुझे ही देख करवाचौथ,
तो किसी ने ईद मनाई है।

सियासत के सियासतदां ने,
हमें हाथों की कठपुतली बनाई है
जब-जब फिसली हाथों से सत्ता,
भाई से भाई की हत्या करवाई है।।

उस दिन को क्या याद करना,
हम सब ने बहुत कुछ गंवाई है।
मुद्दतों लगे हरे जख्म भरने में,
तब खुशियां चलकर घर आई है।

- पंचदेव कुमार

Post a Comment

0 Comments