Hot Posts

6/recent/ticker-posts

बिहार में बहार है, चुनाव का धुन सवार है

- पंचदेव कुमार

बिहार में बहार है
नेताजी के सिर पर
चुनाव का धुन सवार है
टिकट खरीद कर,
धन के बल पर
चुनावी अखाड़े में उतरे हैं,
जनता को छलकर
दोनों हाथ जोड़कर
अहंकार को तोड़कर
कह रहे हैं नेताजी
रैली में चलिए न
सब काम छोड़कर ।

विपक्षी पार्टी को नहीं है वोट
आप सब कृपया मुझे ही करें सपोर्ट
जनता से कर रहे वायदे
गिना रहें सिर्फ फायदे ही फायदे
गाड़ी को रोक कर
बोल रहे तोलकर
चुनाव जीत कर विकास करेंगे
हम सारी योजनाएं पास करेंगे।

फिर जनता पूछ रही सवाल
इसे सुनकर नेताजी का गाल
हो रहा टमाटर सा लाल
चुनाव में इतनी करुणा
कैसे हम पर बरसी है ?
पांच साल तक आपके
दर्शन को मेरी अंखियां तरसी हैं।

हमारे घर समस्याओं का अंबार है
आपके घर खुशियों की बौछार है
फरियाद लिये, आपसे
मिलने दो तीन साल गये थे
यह काम मेरे बस का नहीं
कहकर हमें टाल दिए थे

फटे हाल
हम रोजगार को भटकते रहे
और आप चुनाव जीतकर
पूरी दुनिया चहकते रहे
अब पांच साल बाद
हमसे मिलने आये हैं,
फिर विकास के नाम पर
हमें लीलने आये हैं।

अरे ई का !
आधी रात
नोट लेकर आए हैं,
हमें गरीब जानकर
क्या खरीदने आये हैं ?
अच्छा होगा नेताजी !
आप चले जाइए
कल चुनाव है
अच्छे से जान जाइए
निर्भीक होकर
हम बूथ जाएंगे
हृदय से पूछकर
बटन दबायेंगे
वोट की ताकत
आपको दिखाएंगे
सचमुच
विकास करनेवाले को ही
हम अबकी जिताएंगे...
हम अबकी जिताएंगे... 



Post a Comment

0 Comments